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एक सुबह जब पं. जसराज क्लीन बोल्ड हो गये…विष्णु कुटी, लखनऊ-सन 1980 के आसपास

हालांकि पंडित जसराज पहली ही गेंद पर आउट हो गये और फिर एक बाउंड्री लगायी, संगीत सम्राट ने कहा कि क्रिकेट भी एक अच्छा विकल्प हो सकती थी।

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मनोहर लाल भुगड़ा: प्रिंट-मेकिंग की जटिलताओं से जूझने वाला एक जुनूनी

लखनऊ का एक ऐसा प्रिंट-मेकर जिसमें प्रिंट-मेकिंग की तकनीकी जटिलताओं से जूझने का जुनून था, जिसने तकनीकी उत्कृष्टता हासिल की और अपनी एक अलग पहचान बनायी।

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पद्मश्री प्रोफेसर श्याम शर्मा : एक संस्मरण, लखनऊ-1966

प्रिंट-मेकिंग में पोस्ट डिप्लोमा करने की इच्छा लिए एक छात्र मेरे पास आया। मुझे लगा, कमर्शियल आर्ट का डिप्लोमा करनेवाला प्रिंट-मेकिंग में काम कर पायेगा ?

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स्मृतियों में शेष एक यायावर: मूर्तिकार नारायण कुलकर्णी

नारायण एक अत्यंत कर्मठ, सृजनशील और उत्साही मूर्तिकार थे। अपने छात्रों के प्रति सहज और मित्रवत। लेकिन, कहावत है ‘अच्छा है पर बहुत अच्छा भी ठीक नहीं‘। शायद यह बात सच निकली।

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पुण्यतिथि विशेष: यूपी में आधुनिक कला आंदोलन के अग्रणी कलाकार आचार्य मदन लाल नागर​

1923 – 1984  I  एक सुसंस्कृत परिवार से आये मदनलाल नागर प्रगतिशील विचारधारा से प्रेरित थे और लकीर पर चलते रहना उन्हें कभी भी स्वीकार नहीं था।

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